प्रत्यय की परिभाषा || भेद और उदाहरण || 2022

प्रत्यय की परिभाषा

प्रत्यय की परिभाषा और इसके भेद 

प्रत्यय की परिभाषा :-  ‘प्रत्यय’ दो शब्दों से मिलकर बना है (प्रति + अय) जिसमे  ‘प्रति’ का अर्थ है ‘साथ में, पर बाद में जबकि ‘अय’ का अर्थ ‘चलने वाला’ है । प्रत्यय किसी भी सार्थक मूल शब्द के बाद /पश्चात् जोड़े जाने वाले वे अविकारी शब्दांश हैं, जो शब्द के अन्त में जुड़कर उसके अर्थ में या भाव में परिवर्तन कर देते हैं अर्थात जो शब्दांश धातु रूप या शब्दों के अंत में नए शब्द लगाकर इनका निर्माण करते है उन्हें प्रत्यय कहते है 

जैसे:- 

  • दास +ता + दासता 
  • बड़ा +आई +बड़ाई 
  • सफल + ता = सफलता
  • अच्छा + = अच्छाई

इन उदहारण में ‘ता’ और ‘आई’ दोनों शब्दांश प्रत्यय हैं, जो दास  और ‘बड़ा  मूल शब्द के बाद में जोड़ दिए जाने पर ‘ दासता ’ और ‘बड़ाई ’ शब्द की रचना करते हैं।

प्रत्यय के कितने प्रकार होते हैं?

प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं
  1. कृत् प्रत्यय 
  2.  तद्धित प्रत्यय

कृत् प्रत्यय किसे कहते हैं?

क्रिया अथवा धातु के साथ (अंत में )जो प्रत्यय लगाये जाते है उन्हें कृत् (कृदन्त) प्रत्यय कहते है  

इनके भी  चार भाग होते है 
  1. कर्तृवाचक
  2. कर्मवाचक
  3. करणवाचक
  4. भाववाचक

(1) कर्तृवाचक कृत् प्रत्यय की परिभाषा  :-

जिन प्रत्ययों के जुड़ने से कर्ता का बोध हो उन्हें कर्तृवाचक कृत् प्रत्यय कहते हैं |

जैसे:- अंकू, अ, अक, अक्कड़,आऊ,आक,आका,आकू, आड़ी, आलू, इयल, इया, उक, ऊ,एरा,ओड़ आदि 

क्रिया  प्रत्यय  शब्द 
भूल  अक्कड़ भुलक्कड़ 
खा  आऊ खाऊ
खेल  आड़ी   खेलाड़ी
उड़ अंकू  उड़कू   
लड़ आकू लड़ाकू 

(2) कर्मवाचक कृत् प्रत्यय की परिभाषा :-

जिन प्रत्ययों के जुड़ने से बनने वाले शब्द क्रिया के कर्म का बोध कराते हैं,उन्हें कर्मवाचक कृत् प्रत्यय कहते हैं।

जैसे :- औना,अनीय,ना,नी,य ,ण्यत् ,तव्य,त्र, आदि।

क्रिया  प्रत्यय  शब्द 
मधुर ता मधुरता 
खेल  औना  खिलौना 
कृ   तव्य              कर्तव्य 
स्मृ            अनीय  स्मरणीय 

(3) करणवाचक कृत् प्रत्यय की परिभाषा :-

जिन प्रत्ययों के जुड़ने से साधन (करण) का बोध हो उन्हें करण वाचक कृत् प्रत्यय कहते हैं।

जैसे :- अन, आ, आनी, औटी, इत्र, ई, ऊ, न, ना, नी आदि। 

क्रिया  प्रत्यय  शब्द 
कस  औटी  कसौटी 
रेत              ई      रेती 
झाड़                  झाडू  
चर्   अन         चरण     

(4) भाववाचक कृत् प्रत्यय की परिभाषा:-

जिन प्रत्ययों के जुड़ने से भाववाचक संज्ञाएँ बनती हैं, उन्हें भाववाचक कृत् प्रत्यय कहते हैं।

जैसे :- आई , आन, आप ,आपा ,आव , आवट , आवा , आहट , औता , औती , औनी औवल आदि 

क्रिया  प्रत्यय  शब्द 
पूज         आपा     पुजापा
हँस       ई       हँसी
चढ़             आई    चढ़ाई
चिल्ल        आहट  चिल्लाहट   

तद्धित प्रत्यय किसे कहते हैं ?

तद्धित प्रत्यय:- क्रियो  को छोड़कर अन्य दूसरे शब्दों (संज्ञा, विशेषण ,अव्यय आदि) में जुड़ने वाले प्रत्ययों को ‘तद्धित प्रत्यय’  कहते है एवं उनसे बनने वाले शब्दों को ‘तद्धितांत’ कहा जाता है।

प्रत्यय  शब्द  तद्धितांत
 ईय  राष्ट्र राष्ट्रीय
 अ लघु लाघव

तद्धित प्रत्यय के कितने भेद होते है?

 तद्धित प्रत्यय :-  वे शब्दांश जो संज्ञा /सर्वनाम /विशेषण /अव्यय  के बाद जुड़ते है  

  1. कर्तृवाचक तद्धित प्रत्यय
  2. भाववाचक तद्धित प्रत्यय
  3. लघुवाचक तद्धित प्रत्यय
  4. सम्बन्धवाचक तद्धित प्रत्यय
  5. क्रमवाचक तद्धित प्रत्यय
  6. गुणवाचक तद्धित प्रत्यय
  7. अपत्यवाचक  तद्धित प्रत्यय

1 कर्तृवाचक:- कर्ता का बोध करता है 

आर  सुनार 
वान  दयावान ,गुणवान धनवान 
ऐत  लठैत ,डकैत 
ची  नकलची तोपची ,लालची 
कार  नकलकार,सलाहकार ,गीताकार  

2 भाववाचक तद्धित प्रत्यय:-

पन  बचपन ,अपनापन,सीधापन 
आहट  कड़वाहट ,चिकनाहट 
ई  भलाई ,बुराई 
आई  चतुराई ,मिठाई 
आयत  पंचायत ,बहुतायत 

3 लघुवाचक तद्धित प्रत्यय:-

ई  टोकरी ,पहाड़ी ,खुरपी 
डी  संदुकड़ी ,पंखुड़ी 
इया  बछिया ,खटिया, लुटिया 

4 सम्बन्धवाचक तद्धित प्रत्यय:-

हाल   ननिहाल 
आल  ससुराल 
एरा  फुफेरा ,ममेरा, चचेरा 
ई  बंगाली, नेपाली 

5 क्रमवाचक तद्धित प्रत्यय:-

वाँ  सातवाँ ,नौवा 
सरा  दूसरा ,तीसरा 

6 गुणवाचक तद्धित प्रत्यय:-

ई  पापी इमानदारी ,
ईला   रंगीला ,रसीला 
इक  देनिक मासिक 
ऐला  विषैला ,मटमैला 

कुछ महत्वपूर्ण प्रत्यय:-

प्रत्यय शब्द
अक्कड़ पिअक्कड़, घुमक्कड़
आहट घबराहट, झनझनाहट
आस प्यास, मिठास
आवट बनावट, दिखावट
आई खेलाई, लिखाई
आऊ टिकाऊ, खाऊ
आवा छलावा, बहकावा
अन जलन, लेन
अना पढ़ना, देना
औना खिलौना 
औनी मिचौनी, डरावनी,पिसौनी ,बिछौनी 
ऐत लडैत, बिगडैत
इयल मरियल, अड़ियल
आप, आपा मिलाप, पुजापा
ऐया हँसैया, बचैया
इया छलिया, घटिया
घुड़की, लगी
औता, समझौता
औती चुनौती
आन उठान, मिलान
 हिन्दी के कुछ और नए प्रत्यय:-
प्रत्यय शब्द
भूखा, प्यासा
आर कुम्भार, सोनार
आवट निमावट, अमावट
आई विदाई, ठकुराई
खेती, सुस्ती
ईला रंगीला, जहरीला
हरा एकहरा, तिहरा
गँवारू, बाज़ारू
आस मिठास, खटास
औती कठौती, मनौती
आहट चिकनाहट, कडुवाहट
पन मैलापन, लड़कपन
ओला सँपोला, खटोला
हारा लकड़हारा, पनिहारा
उमस, तमस
ता मधुरता, मनुजता
संगत, रंगत
पा बहनापा, बुढ़ापा
आना टोपीवाला, धनवाला
इया दुखिया, भोजपुरिया
आइन पण्डिताइन, ललाइन
इन तेलिन, दर्जिन
आनी राजपूतानी, जेठानी
इया चुहिया, बिटिया
घोड़ी, नानी
नी शेरनी, मोरनी
उर्दू एवं फ़ारसी के प्रत्यय:-
प्रत्यय शब्द
खाना डाकखाना, मुर्गीखाना
खोर रिश्वतखोर, चुगलखोर
दान कलमदान, पानदान
दार फलदार, मालदार
खराबा, चश्मा
इन्दा बसिन्दा, चुनिन्दा
आब गुलाब, जुलाब
 भाववाचक स्त्रीलिंग बाले प्रत्यय :-
प्रत्यय मूल शब्द
रिश्तेदारी, दोस्ती
बाज अकड़बाज, नशाबाज
गर कारगर, जिल्दगर
ईना आशिकाना, मेहनताना
साज जिल्दसाज, घड़ीसाज
गाह ईदगाह, कब्रगाह

आओ इनको को भी  पढ़ते है इन पर क्लिक करे  |

 वर्णमाला: संज्ञा: सर्वनाम विशेषण :कालपर्यावाची :अलंकार 

error: Content is protected !!