वचन की परिभाषा | वचन किसे कहते हैं ? | भेद | उदाहरण || 2022

वचन की परिभाषा

वचन की परिभाषा किसे कहते हैं 

वचन की परिभाषा:- विकारी शब्दो (संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, ) के जिस रूप से उनकी संख्या का बोध हो उसे वचन की परिभाषा कहते है

और इसके  दो भेद होते है | (1) एकवचन (singular)  (2) बहुवचन (plural ) और वचन का शाब्दिक अर्थ है “संख्यावचन” है

एकवचन की परिभाषा:- जिस संज्ञा से एक व्यक्ति वस्तु या पदार्थ का बोध हो उसे एकवचन कहते हैं। जैसे:- घोड़ा,लड़का,लड़की  कुत्ता, कलम,बहन, शाखा,मैं, तू आदि।

बहुवचन की परिभाषा:- जिन शब्द से एक से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं। जैसे:- बहनें, लड़कियाँ, लड़के,हम, तुम घोड़े, कुत्ते, कलमें, शाखाएँ,आदि।

बहुवचन बनाने के नियम

(1)आदर प्रकट करने के लिए बहुवचन का प्रयोग करते है |जैसे:-
  • राजा के बड़े बेटे आये है 
  • शिवजी  वीर थे
  • गाँधी जी पहली वार चंपारन गये थे      

एकवचन से बहुवचन कैसे बनाए:-

(1) एकवचन अकारांत स्त्रीलिंग संज्ञा के अंतिम ‘ अ ‘ को ” एँ कर देने से बहुवचन बनता है। जैसे:-
एकवचन बहुवचन
गाय,  गायें,
पुस्तक, पुस्तकें
किताब, किताबें
झील, झीलें,
लात लातें,
आँख आँखें

(2) एकवचन आकारांत ,उकारांत एवं ऊकारांत स्त्रीलिंग संज्ञा के अंत में ‘ एँ ‘ जोड़ने से बहुवचन बनता है। जैसे —

एकवचन बहुवचन
लता लताएँ
कथा कथाएँ
भाषा भाषाएँ
समस्य समस्याएँ
ऋतु ऋतुएँ
 
(3)  स्त्रीलिंग संज्ञा के अंत में  या की जगह पर याँ  लगाकर वहुवचन वनाया जाता है। जैसे:-
एकवचन बहुवचन
तिथिड तिथियाँ
नदी नदियाँ
मिठाई मिठाइयाँ
डिबिया  डिबियाँ
चुहिया  चुहियाँ
लुटिया  लुटियाँ
कठिनाई कठिनाइयाँ
चिड़िया चिड़ियाँ

वचन से संबद्ध कुछ विशेष नियम :-

(1) कभी कभी एकवचन संज्ञा शब्दों के साथ  गण , वर्ग , जन , जाति , वृन्द , लोग आदि शब्दों को जोड़ कर बहुवचन बनते है। जैसे:-
 
एकवचन बहुवचन
पाठ पाठकगण
छात्र छात्रगण
नेता नेतागण
शासक शासकवर्ग
अधिकारी अधिकारीवर्ग
वृद्ध वृद्धजन
स्त्री स्त्रीजन
मनुष्य मनुष्यजाति
स्त्री स्त्रीजाति
नारी नारीवृन्द
आप आपलोग
 
(2) संबंध बताने बाले शब्दों का प्रयोग समान रूप से एकवचन एव बहुवचन दोनों में किया जाता है जैसे नाना, मामी, नानी, ताऊ, चाचा, चाची, 
  • वरुण के दादाजी आये । 
  • मेरे पिताजी बहुत दयालु  हैं । 
  • उसकी माँजी आयीं ? 
  • एक गुरुजी आ रहे हैं । 
  • गाँधीजी महामानव थे । 
  • रफी साहब महान गायक थे । 
3)  कुछ ऐसी  संज्ञाएँ हैं|जो सदा बहुवचन में प्रयोग में होती हैं। जैसे:-  दर्शन , ओंठ , प्राण , लोग , बाल (केश) , दाम ,भाग्य ,हस्ताक्षर आँसू  ,आदि।
  • मीरा के आँसू बहे । 
  • आपके दर्शन हुए
  • दीपक  के भाग्य खुले । 
  • मेरे हस्ताक्षर हुए । 
  • उनके प्राण निकले ।
  • तुम्हारे ओंठ खुले तो मै तुम्हे मरुगा
  • सोहन के बाल पके हैं ।
  • कुछ लोग यहाँ आए । 
  • इसके कितने दाम हैं ? 
4)  हर , हरएक , प्रत्येक , कोई , जनता , वर्षा , आग आदि शब्दों का प्रयोग सदा एकवचन में होता है। जैसे —
  • हर मनुष्य भगवान की पूजा करे। 
  • हरएक व्यक्ति तुम्हे देखेगा ।
  • यहाँ प्रत्येक व्यक्ति आया ।
  • भारत की जनता गरीब है ।
  • दो दिनों से बहुत अधिक वर्षा हो रही है |
6) द्रव्यवाचक संज्ञा ( सोना चादी पीतल ताँबा जस्ता ) का प्रयोग प्रायः एकवचन में होता है| जैसे:-
  • मेरे पास थोड़ा/बहुत जस्ता है।
  • अमेरिका  में कई तरह के सोने मिलते हैं।
  • उस तेली के पास बहुत तेल है।
  • वहाँ कई तेल के कुआ मिले है।

7) कुछ ऐसी संज्ञा जिनका एकवचन एव वहुवचन एक जैसा रहता है :- 

एकवचन बहुवचन
राजा  राजा 
जल  जल 
नेता  नेता 
 प्रेम   प्रेम 
बाजार  बाजार 
 फल   फल 
सरसों  सरसों 
बिंदु  बिंदु 
समाचार  समाचार 
योद्धा योद्धा

साथियों आपने वचन की परिभाषा को भलीभांति जाना है हम यह आशा करते है आपको समझ आ गया होगा 

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