Schedules of Indian Constitution || भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ || 2022

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भारतीय संविधान की अनुसूची (Schedules of Indian Constitution) क्या है 

भारतीय संविधान 22 भागों में विभजित है तथा इसमें 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां (Schedules of Indian Constitution) है। भारतीय संविधान में मूल रूप से 8 अनुसूचियां थीं। बाद में 4 महत्त्वपूर्ण संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा चार अनुसूचियां भारतीय संविधान में शामिल की गईं। वर्तमान में 12 भारतीय संविधान की अनुसूचियां (Schedules of Indian Constitution) हैं। साथियों अगर पोस्ट अच्छी लगे तो अपना feedback जरुर भेजे धन्यबाद

भारतीय संविधान की अनुसूची (Schedules of Indian Constitution) जो इस प्रकार वर्णन किया गया है 

प्रथम अनुसूची :-

इसमें भारतीय संघ की घटक यानी 28 राज्यों एवं 8 केंद्र शासित प्रदेशों का उल्लेख किया गया है

ध्यान दे :- संविधान के 69 वें संविधान संशोधन के द्वारा दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दर्जा दिया गया है

दूसरी अनुसूची

इसमें भारतीय राज्य व्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों जैसे (राष्ट्रपति, राज्यपाल, लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, राज्यसभा के सभापति एवं उपसभापति, विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति एवं उपसभापति ,उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, और भारत के नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक) आदि  को वेतन, भत्ते और पेंशन आदि  का उल्लेख किया गया है

तीसरी अनुसूची

इसमें विभिन्न पदाधिकारियों मंत्री उच्चतम एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा पद ग्रहण के समय ली जाने वाली शपथ का उल्लेख किया गया है

चौथी अनुसूची

इसमें विभिन्न राज्यों तथा संघीय क्षेत्रों की राज्यसभा के प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया है

पांचवी अनुसूची

इसमें विभिन्न अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उल्लेख दिया गया है

छठी अनुसूची

इसमें मेघालय असम मिजोरम त्रिपुरा राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में प्रावधान है

सातवीं अनुसूची

इसमें केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों के बंटवारे के बारे में दिया गया है तथा इसी अनुसूची में सरकारों द्वारा शुल्क एवं कर लगाने के अधिकारों का उल्लेख है इसके अंतर्गत तीन सूचियां हैं

  • संघ सूची
  • राज्यसूची 
  • समवर्ती सूची

संघ सूची

इस सूची में दिए गए विषयों पर केंद्र सरकार कानून बनाती है तथा संविधान के लागू होने के समय इस में 97 विषय थे लेकिन वर्तमान में 98 विषय हैं संघ सूची में कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं जैसे देश की प्रतिरक्षा विदेशी मामले योद्धा एवं शांति रेल डाक तथा तार मुद्रा बैंकिंग परमाणु शक्ति आदि 

राज्य सूची

इस सूची में दिए गए विषयों पर राज्य सरकार कानून बनाती है तथा राष्ट्रीय हित से संबंधित होने पर केंद्र सरकार भी कानून बना सकती है संविधान के लागू होने के समय इसके अंतर्गत 66 विषय थे लेकिन वर्तमान में 62 विषय हैं राज्य सूची में शामिल कुछ विषय है जैसे शांति और व्यवस्था पुलिस जेल स्थानीय शासन कृषि जन स्वास्थ्य राज्य के अंदर होने वाला व्यापार न्याय विभाग आदि 

समवर्ती सूची

इसके अंतर्गत दिए गए विषयों पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं परंतु कानून के विषय समान होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होगा राज्य सरकार द्वारा बनाया गया कानून केंद्र सरकार के कानून बनाने के साथ ही समाप्त हो जाता है संविधान के लागू होने के समय समवर्ती सूची में 47 विषय थे लेकिन वर्तमान में 52 विषय हैं कुछ प्रमुख विषय जैसे दीवानी और फौजदारी कानून और प्रक्रिया विवाह तथा तलाक शिक्षा आर्थिक नियोजन बिजली समाचार पत्र श्रमिक संघ वन आदि 

आठवीं अनुसूची

इसमें भारत की 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है मूल संविधान में आठवीं अनुसूची में 14 भाषाएं थी लेकिन

  • 21 वां संविधान संशोधन 1967 के द्वारा सिंधी को 15 वी  भाषा जोड़ी गयी 
  • 71 वां संविधान संशोधन 1992 द्वारा को कौन नेपाली ,मणिपुरी कोंकणी (Trick नमक )
  •  92 वां संविधान संशोधन 2003 में  बोडो,डोगरी,मैथिली,संथाली  (Trick- BO- D- MA-S  ) को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया

नौवीं अनुसूची

संविधान में यह अनुसूची प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम 1951 के द्वारा जोड़ी गई इसके अंतर्गत राज्य द्वारा संपत्ति के अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख किया गया है इस सूची में सम्मिलित विषयों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती वर्तमान में इस अनुसूची में 284 अधिनियम है

दसवीं अनुसूची

यह संविधान में 52 वें संविधान संशोधन 1985 के द्वारा जोड़ी गई इसमें दलबदल से संबंधित प्रावधान का उल्लेख है

ग्यारहवीं अनुसूची

यह अनुसूची संविधान में 73वें संविधान संशोधन 1993 के द्वारा जोड़ी गई इस में पंचायती राज संस्थाओं के कार्य करने के लिए 29 विषय प्रदान किए गए हैं

बारहवीं अनुसूची

यह अनुसूची संविधान में 74 वें संविधान संशोधन 1993 के द्वारा जोड़ी गई इसमें शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्य करने के लिए 18 विषय प्रदान किए गए हैं

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